anokha dahej
घर में सभी शादी की तैयारियों में व्यस्त थे , लेकिन सबके दिलों की ख़ास बातूनी गर्ल अब खामोश रहने लगी थी। पल पल बस एक ही दुआ बार बार करती रही की पिताजी का संकट टल जाए और सब अच्छा हो जाए। न ख्वाइश हीरे मोती, सोना चाँदी , न बंगला गाडी की , बस एक चैन की ज़िन्दगी उस दाता के लिए जिसने कभी अपने लिए परमात्मा से कुछ नहीं माँगा। जिसने ज़िन्दगी भर दूसरों को देना ही नीति माना, ख़ुद संघर्ष करके अपने सभी भाई बंधुओं को अपने पैरों पे खड़ा किया, आधे गाँव को रोज़गार दिलवाया शहर में , न जाने कितने दान धर्म किए , नियमित रूप से शिव आराधना की , आज वह अपने आपको बेबस और लाचार समझ रहे थे।
पिताजी की आँखों में अपने जिगर के टुकड़ों को शादी में दहेज़ रुपी तोहफ़े न दे पाना और अपने अरमानों को पूरा न कर पाने का दुःख झलक रहा था। मैंने एक ख़ाली किताब उठाई और घर के एल्बम में से कुछ तस्वीरें निकाली , बचपन से जवानी तक माँ और पिताजी के साथ बिताये पलों को अपने किताब में कैद कर लिया। उन तस्वीरों से जुडी बातों को तस्वीरों के पास लिखा। घर के सब लोग डाँट रहे थे कि सारी अच्छी अच्छी तस्वीरें बिगाड़ रही है , हमारी भी यादें जुडी है तो घर में रहने दो सब देखेंगे कभी कबार। फिर भी मैंने अपनी किताब को सजाने का काम ज़ारी रखा और माँ के लिए एक कविता भी लिखी , और बड़े भैया, दीदी और पिताजी के लिए भी धन्यवाद् करते हुए कुछ शब्द लिखे थे।
शादी के एक हफ़्ते पहले पिताजी ने मुझसे पूछा कुछ चाहिए तो नहीं बेटा, मैंने कहा बस एक चीज चाहिए , यह तस्वीरों की क़िताब , जो मेरी ज़िन्दगी का अनमोल तोहफ़ा होगा, हमारी यादों का खज़ाना , इसे मेरे साथ ससुराल ले जाने की अनुमति दे दो। पिताजी ने किताब खोली, आँख भर आयी, और माँ को दिखाई। माँ फूट फूट कर मुझे गले लगा के रोने लगी। उस दिन किसी से भी खाना न खाया गया। एक पिता ज़िन्दगी की हर मुश्किलों का सामना डट के कर सकता है लेकिन, बेटी की विदाई सहन नहीं कर पाता। माँ अपना दुःख ज़ाहिर कर देती है लें पिता आसानी से जाता भी नहीं पाते। सच में धरती पे रूप माँ बाप का उस विधाता की पहचान है।
Beautiful...This is Family...pariwaar...always there for each other..
ReplyDeleteyes, we r incomplete without family
DeleteSuperb writing..true n so touching
ReplyDeleteThank you, hope my word selection would convey the feelings i wanted to express for every situation .
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