baaton ki ladi
कभी ऐसा व्यक्ति देखा है किसी ने जो मुश्किल घडी में उत्सुक बच्चे की तरह हर चीज के बारे में पूछे यह क्या है, वो क्या है..... शायद कोई हो भी कहीं , एक मैं भी थी। क्योंकि मेरे साथ उस वक़्त घर का कोई व्यक्ति नहीं था, तो मैं नर्स से हर बात के लिए सवाल कर रही थी। जब तक डॉक्टर जाग कर नीचे आते, तब तक नर्स मुझे एक कमरे में ले गयी और बेड पे लेटने को कहा। वह बेड अजीब था, छोटा सा , थोड़ा गोल कटा हुआ , तो मैंने पुछा यह तो टूटा हुआ है और छोटा भी, मैं कैसे सोऊँ इस पर। नर्स ने मुझे विनम्रता से बताया कि वह बेड ऐसा ही होता है ताकि डॉक्टर आसानी से जाँच कर सके।
फिर मैंने एक और सवाल किया कि अगर मैं इस पर लेट गयी तो सब गन्दा हो जाएगा , आपको साफ़ करने की परेशानी होगी। तो नर्स थोड़ा मुस्काई और कहा तुम उसकी चिंता मत करो, बस लेट जाओ। उनकी बात मानली और जैसे ही लेटी पहले ही माफ़ी माँगली , मेरी वजह से हुई वहाँ गंदगी के लिए। फिर मैंने पुछा डॉक्टर अपने घर क्यों नहीं गयी , उनके परिवार वाले नाराज़ होंगे उनसे कि अभी भी वे मेरी वजह से अस्पताल में ही है। अब नर्स थोड़ी परेशान हो रही थी मेरी बातों से , तो उन्होंने मुझसे सवाल करने शुरू कर दिए , कि रात में ने क्या खाया जो बी.पी इतना बढ़ गया , और इतनी दूर सुबह सुबह रिक्शा मिला कैसे , यहाँ अगर डॉक्टर नहीं होती तो और इंतज़ार करना पड़ जाता , क्योंकि उनका घर बहुत दूर था अस्पताल से।
फिर मैंने पूछा डॉक्टर को कार चलानी आती है क्या , उनकी नींद तो पूरी हुई होगी न , कहीं फिल्मों की तरह कोई औज़ार मेरे पेट में भूल तो नहीं जाएंगे नींद के मारे। नर्स खूब हँसने लगी और कहा कि पहली ऐसी पेशेंट देखी है जो ज़िन्दगी और मौत के बीच है और इतनी बातें कर रही है।
इतने में डॉक्टर साहिबा वहाँ आगयी, मुझसे पूछा क्या हुआ बेटा कल परसों जांच कराई तो सब ठीक था , अचानक यह सब कैसे ? तो मैंने मासूम बच्चे की तरह जवाब दिया कि मैंने तो सिर्फ हलके गरम पानी से नहाया था {मन में डर रही थी कि कहीं पानी तेज़ गरम तो नहीं था जिसकी वजह से ऐसा हो गया हो , इसकेलिए कहीं डॉक्टर साहिबा मुझे डाँटेंगे तो नहीं } मेरा जवाब सुनकर वे मुस्कुराई और कहा नहीं नहीं , कोई बात नहीं , चेक कर लेते है। जैसे ही देखा, ज़ोर से बोली अरे बापरे यह तो फव्वारा जैसे बह रहा है , जल्दी ऑपरेशन की तैयारी कराओ अभी के अभी।
फिर मैंने एक और सवाल किया कि अगर मैं इस पर लेट गयी तो सब गन्दा हो जाएगा , आपको साफ़ करने की परेशानी होगी। तो नर्स थोड़ा मुस्काई और कहा तुम उसकी चिंता मत करो, बस लेट जाओ। उनकी बात मानली और जैसे ही लेटी पहले ही माफ़ी माँगली , मेरी वजह से हुई वहाँ गंदगी के लिए। फिर मैंने पुछा डॉक्टर अपने घर क्यों नहीं गयी , उनके परिवार वाले नाराज़ होंगे उनसे कि अभी भी वे मेरी वजह से अस्पताल में ही है। अब नर्स थोड़ी परेशान हो रही थी मेरी बातों से , तो उन्होंने मुझसे सवाल करने शुरू कर दिए , कि रात में ने क्या खाया जो बी.पी इतना बढ़ गया , और इतनी दूर सुबह सुबह रिक्शा मिला कैसे , यहाँ अगर डॉक्टर नहीं होती तो और इंतज़ार करना पड़ जाता , क्योंकि उनका घर बहुत दूर था अस्पताल से।
फिर मैंने पूछा डॉक्टर को कार चलानी आती है क्या , उनकी नींद तो पूरी हुई होगी न , कहीं फिल्मों की तरह कोई औज़ार मेरे पेट में भूल तो नहीं जाएंगे नींद के मारे। नर्स खूब हँसने लगी और कहा कि पहली ऐसी पेशेंट देखी है जो ज़िन्दगी और मौत के बीच है और इतनी बातें कर रही है।
इतने में डॉक्टर साहिबा वहाँ आगयी, मुझसे पूछा क्या हुआ बेटा कल परसों जांच कराई तो सब ठीक था , अचानक यह सब कैसे ? तो मैंने मासूम बच्चे की तरह जवाब दिया कि मैंने तो सिर्फ हलके गरम पानी से नहाया था {मन में डर रही थी कि कहीं पानी तेज़ गरम तो नहीं था जिसकी वजह से ऐसा हो गया हो , इसकेलिए कहीं डॉक्टर साहिबा मुझे डाँटेंगे तो नहीं } मेरा जवाब सुनकर वे मुस्कुराई और कहा नहीं नहीं , कोई बात नहीं , चेक कर लेते है। जैसे ही देखा, ज़ोर से बोली अरे बापरे यह तो फव्वारा जैसे बह रहा है , जल्दी ऑपरेशन की तैयारी कराओ अभी के अभी।
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